November 5, 2026

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🍯 सुरत की शान सुरती घारी रेसिपी – चांदी पड़वा की पारंपरिक गुजराती मिठाई घर पर बनाएँ | Special Surti Ghari Recipe in Hindi

📖 परिचय – Surti Ghari Recipe in Hindi

अगर आपको गुजराती मिठाइयाँ पसंद हैं, तो सुरती घारी आपके लिए एक खास रेसिपी है। सुरती घारी गुजरात के सूरत शहर की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई है। इसे मैदा की बाहरी परत में मावा, बेसन, बादाम, पिस्ता, केसर और इलायची की स्वादिष्ट स्टफिंग भरकर बनाया जाता है।

सुरती घारी का खास संबंध चांदी पड़वा के त्योहार से है। इस अवसर पर सूरत में घारी और भुसू खाने की परंपरा है। इसकी भरपूर स्टफिंग, स्वादिष्ट मावा और ऊपर जमी जामखंभालिया घी की परत इसे खास बनाती है।

इस रेसिपी में आप सीखेंगे कि घर पर सुरती घारी की स्टफिंग कैसे तैयार करें, आटा कैसे गूँथें, घारी का आकार कैसे दें और उसे कड़छी पर रखकर तेल में सही तरीके से कैसे तलें। अंत में घारी को जामखंभालिया घी में डुबोकर पिस्ता और बादाम से सजाया जाएगा।

अगर आप घर पर सूरत की मशहूर मिठाई बनाना चाहते हैं, तो इस आसान स्टेप-बाय-स्टेप Surti Ghari Recipe in Hindi को जरूर ट्राई करें।


🍬 सुरती घारी क्या है? (What Is Surti Ghari?)

सुरती घारी सूरत, गुजरात की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई है। इसकी बाहरी परत मैदा से बनाई जाती है और अंदर मावा, भुना हुआ बेसन, चीनी, बादाम, पिस्ता, केसर और इलायची की स्टफिंग भरी जाती है।

इस मिठाई को खास तरीके से तेल में पकाया जाता है। कच्ची घारी को सीधे कड़ाही में डालने के बजाय कड़छी पर रखकर उसके ऊपर गरम तेल डाला जाता है। नीचे का हिस्सा पकाने के लिए कड़छी को थोड़ा-सा तेल में डुबोया जाता है।

तलने के बाद घारी को जामखंभालिया घी में डुबोकर निकाला जाता है। ठंडा होने पर ऊपर घी की परत जम जाती है, जिससे घारी का पारंपरिक रूप तैयार होता है।

🏛️ सुरती घारी का इतिहास और चांदी पड़वा से संबंध

सुरती घारी सूरत की खाद्य संस्कृति और त्योहारों की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका विशेष संबंध चांदी पड़वा से माना जाता है, जिसे शरद पूर्णिमा के अगले दिन मनाया जाता है।

घारी की उत्पत्ति के बारे में तात्या टोपे और मराठा काल से जुड़ी एक लोकप्रिय कहानी भी प्रचलित है। हालांकि, इस कहानी के अलग-अलग विवरण मिलते हैं, इसलिए इसे प्रमाणित इतिहास के बजाय लोककथा के रूप में समझना बेहतर है।

आज सुरती घारी सूरत की पहचान बन चुकी है। त्योहारों और खास अवसरों पर लोग इसे परिवार और दोस्तों के साथ बाँटना पसंद करते हैं।

🌕 चांदी पड़वा पर घारी और भुसू क्यों खाए जाते हैं?

चांदी पड़वा सूरत की खास सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। इस दिन घारी जैसी मीठी मिठाई के साथ भुसू यानी नमकीन और कुरकुरे स्नैक्स खाने का चलन है।

घारी का मीठा स्वाद और भुसू का नमकीन स्वाद एक-दूसरे के साथ अच्छा लगता है। परिवार और दोस्तों के साथ इस पारंपरिक भोजन का आनंद लेना त्योहार की खास पहचान है।

इसी वजह से चांदी पड़वा के अवसर पर सुरती घारी की मांग खास तौर पर बढ़ जाती है।


🥣 सुरती घारी रेसिपी की सामग्री (Ingredients)

🥜 स्टफिंग के लिए

  • मावा (खोया) – 500 ग्राम
  • दरदरा बेसन – 50 ग्राम
  • बादाम पाउडर – 50 ग्राम
  • पिस्ता पाउडर – 50 ग्राम
  • बूरा या पिसी चीनी – 1 कप
  • घी – 2 बड़े चम्मच
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • केसर – 1 चुटकी
  • दूध – केसर भिगोने के लिए थोड़ा-सा

🫓 आटा तैयार करने के लिए

  • मैदा – 200 ग्राम
  • घी – 1 बड़ा चम्मच
  • पानी – आवश्यकतानुसार

🍳 तलने और सजाने के लिए

  • तेल – घारी तलने के लिए आवश्यकतानुसार
  • जामखंभालिया घी – तलने के बाद घारी पर कोटिंग करने के लिए
  • कटे हुए पिस्ता – सजाने के लिए
  • कटे हुए बादाम – सजाने के लिए

नोट: इस सामग्री से आकार और स्टफिंग की मात्रा के अनुसार लगभग 12–16 मध्यम आकार की घारियाँ बन सकती हैं। वास्तविक संख्या आपके बनाए गए आकार पर निर्भर करेगी।


🥣 स्टेप 1 – मावा और बेसन की स्टफिंग तैयार करें

सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में 2 बड़े चम्मच घी गर्म करें। इसमें मावा डालकर धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए हल्का सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें।

अब एक अलग पैन में दरदरा बेसन डालें। इसे धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक बेसन की कच्ची महक कम न हो जाए और उसमें हल्की भुनी हुई खुशबू न आने लगे।

भुने हुए बेसन को मावा में मिलाएँ और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।

इसके बाद बादाम पाउडर, पिस्ता पाउडर, इलायची पाउडर और थोड़े दूध में भिगोया हुआ केसर डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।

जब मिश्रण गर्म न रहे, तब इसमें बूरा या पिसी चीनी डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएँ, ताकि स्टफिंग एकसार हो जाए।

आपकी स्वादिष्ट मावा घारी की स्टफिंग तैयार है।

🫓 स्टेप 2 – घारी के लिए मैदा गूँथें

एक बड़े बर्तन में 200 ग्राम मैदा लें। इसमें 1 बड़ा चम्मच घी डालकर दोनों हथेलियों से अच्छी तरह मिलाएँ।

मैदा और घी को तब तक मिलाएँ, जब तक मिश्रण हल्के ब्रेडक्रम्ब जैसा न दिखाई देने लगे।

अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मध्यम सख्त और चिकना आटा गूँथ लें। ध्यान रखें कि आटा बहुत नरम न हो, क्योंकि इसी में स्टफिंग भरकर घारी का आकार देना है।

आटे को ढककर 15–20 मिनट के लिए रख दें, ताकि इसे बेलना आसान हो जाए।

🍪 स्टेप 3 – घारी का आकार दें

तैयार आटे को छोटी-छोटी बराबर लोइयों में बाँट लें।

हर लोई को हल्का बेलें और बीच में लगभग 1 बड़ा चम्मच तैयार स्टफिंग रखें। स्टफिंग की मात्रा घारी के आकार के अनुसार रखें, ताकि आटे की परत आसानी से बंद हो सके।

अब आटे के किनारों को सावधानी से मिलाकर अच्छी तरह बंद करें। कहीं भी दरार या खुला हिस्सा नहीं रहना चाहिए, वरना तलते समय स्टफिंग बाहर निकल सकती है।

घारी को हल्का चपटा और गोल आकार दें। इसी तरह सारी घारियाँ तैयार करके एक प्लेट में रख लें।

🍳 स्टेप 4 – कड़छी पर रखकर घारी तलें

सबसे पहले एक गहरी कड़ाही में घारी तलने के लिए पर्याप्त तेल गर्म करें।

ध्यान रखें: कच्ची घारी को सीधे कड़ाही में नहीं डालना है। इसे एक बड़ी छेद वाली कड़छी पर रखकर तलना है।

सबसे पहले एक कच्ची घारी को कड़छी पर रखें। अब कलछी से गरम तेल लेकर धीरे-धीरे घारी के ऊपर डालें। तेल ऊपर से डालते रहें, ताकि घारी की बाहरी परत अच्छी तरह पकने लगे और धीरे-धीरे सुनहरी हो जाए।

जब घारी का ऊपरी हिस्सा पक जाए, तो कड़छी को थोड़ा-सा गरम तेल में डुबोएँ। इससे घारी का निचला हिस्सा भी अच्छी तरह सिक जाएगा।

घारी को सावधानी से संभालें, ताकि उसका आकार न बिगड़े और वह टूटे नहीं। जब घारी अच्छी तरह पककर सुनहरी हो जाए, तो उसे कड़छी से सावधानीपूर्वक निकाल लें और अतिरिक्त तेल निकलने दें।

इसी तरीके से सभी घारियों को एक-एक करके तलें।

💡 घारी तलने के लिए खास टिप्स

  • घारी को सीधे कड़ाही में न डालें।
  • घारी को कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालें।
  • नीचे का हिस्सा पकाने के लिए कड़छी को थोड़ा-सा तेल में डुबोएँ।
  • तेल बहुत ज्यादा गर्म न हो, वरना घारी बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकती है।
  • घारी को संभालते समय सावधानी रखें, ताकि उसकी परत फटे नहीं।

✨ स्टेप 5 – जामखंभालिया घी में डुबोकर सजाएँ

सारी घारियाँ तलने के बाद जामखंभालिया घी को एक अलग बर्तन में हल्का गर्म करें। घी को बहुत ज्यादा गर्म नहीं करना है।

अब तली हुई घारी को सावधानी से जामखंभालिया घी में डुबोएँ और तुरंत बाहर निकाल लें। इससे घारी के ऊपर घी की परत चढ़ जाएगी।

घारी को बाहर निकालकर अतिरिक्त घी निकलने दें। इसके बाद ऊपर से कटे हुए पिस्ता और बादाम लगाकर सजाएँ।

सभी घारियों को एक साफ प्लेट या ट्रे में रख दें और ठंडा होने दें। ठंडा होने पर ऊपर लगी घी की परत जमने लगेगी और घारी को उसका पारंपरिक रूप मिलेगा।

खास टिप: जामखंभालिया घी को केवल हल्का गर्म करें। घारी को उसमें डुबोकर तुरंत निकालें और फिर उसे बिना छेड़े ठंडा होने दें, ताकि ऊपर की परत अच्छी तरह जम सके।

🍯 आपकी पारंपरिक सुरती घारी तैयार है!

अब आपकी स्वादिष्ट सुरती घारी तैयार है। इसकी मावा और सूखे मेवों वाली स्टफिंग, सुनहरी बाहरी परत और जामखंभालिया घी की जमी हुई कोटिंग इसे खास बनाती है।

इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद परोसें। चांदी पड़वा या किसी खास अवसर पर परिवार और दोस्तों के साथ इस पारंपरिक गुजराती मिठाई का आनंद लें।


⏱️ पारंपरिक सुरती घारी की खासियत

पारंपरिक सुरती घारी में मावा और बेसन की स्टफिंग, मैदा की बाहरी परत और ऊपर जामखंभालिया घी की कोटिंग महत्वपूर्ण होती है।

इस रेसिपी में घारी को सीधे तेल में डालने के बजाय कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालकर पकाया जाता है। इसके बाद नीचे का हिस्सा पकाने के लिए कड़छी को थोड़ा तेल में डुबोया जाता है।

तलने के बाद घारी को जामखंभालिया घी में डुबोकर पिस्ता और बादाम से सजाया जाता है। ठंडा होने पर घी की परत जम जाती है।

❌ सुरती घारी बनाते समय होने वाली 7 आम गलतियाँ

1. गर्म स्टफिंग में चीनी डालना

बहुत गर्म मावा में चीनी मिलाने से स्टफिंग की बनावट प्रभावित हो सकती है। इसलिए मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें, फिर चीनी मिलाएँ।

2. मावा को सही तरह न भूनना

मावा को धीमी आँच पर अच्छी तरह भूनें। उसे लगातार चलाते रहें, ताकि वह जले नहीं और उसमें अच्छी खुशबू आ जाए।

3. आटा बहुत नरम गूँथना

बहुत नरम आटे को स्टफिंग के चारों ओर बंद करना मुश्किल हो सकता है। पानी धीरे-धीरे डालें और मध्यम सख्त आटा तैयार करें।

4. स्टफिंग बहुत ज्यादा भरना

बहुत ज्यादा स्टफिंग रखने से घारी के किनारे बंद करना मुश्किल हो सकता है। शुरुआत में संतुलित मात्रा रखें और किनारों को अच्छी तरह बंद करें।

5. घारी को सीधे कड़ाही में डालना

इस रेसिपी में कच्ची घारी को सीधे कड़ाही में नहीं डालना है। उसे छेद वाली कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालें और नीचे का हिस्सा पकाने के लिए कड़छी को थोड़ा तेल में डुबोएँ।

6. घारी में दरार छोड़ देना

यदि आटे की परत कहीं से खुली हो, तो स्टफिंग बाहर निकल सकती है। तलने से पहले हर घारी के किनारों और सतह को जाँच लें।

7. गर्म घारी को तुरंत बंद डिब्बे में रखना

गर्म घारी से निकलने वाली भाप डिब्बे में नमी जमा कर सकती है। घारी को पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर साफ और सूखे कंटेनर में रखें।


सुरती घारी Surti ghari recipe in hindi

💡 परफेक्ट सुरती घारी (Surti Ghari Recipe in Hindi) बनाने के 7 खास टिप्स

🌟 1. अच्छी गुणवत्ता का मावा चुनें

ताजा मावा इस्तेमाल करें। उसमें असामान्य गंध या खराब होने के संकेत नहीं होने चाहिए।

🌟 2. बेसन को धीरे भूनें

बेसन को धीमी आँच पर भूनें और लगातार चलाते रहें। इससे कच्ची महक कम होगी और स्टफिंग में अच्छी खुशबू आएगी।

🌟 3. स्टफिंग को ठंडा करें

चीनी मिलाने और घारी भरने से पहले मावा-बेसन के मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।

🌟 4. आटे को आराम दें

आटे को 15–20 मिनट ढककर रखने से उसे बेलना और आकार देना आसान हो सकता है।

🌟 5. स्टफिंग की मात्रा संतुलित रखें

हर घारी में लगभग बराबर स्टफिंग रखने से घारियों का आकार एकसार रखने में मदद मिलती है।

🌟 6. तेल का तापमान नियंत्रित रखें

घारी को कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालें। बहुत ज्यादा गर्म तेल से बचें और घारी को सावधानी से पकाएँ।

🌟 7. ठंडा होने के बाद पैक करें

घारी को जामखंभालिया घी में डुबोकर सजाने के बाद पूरी तरह ठंडा होने दें। इससे ऊपर की घी की परत जमने में मदद मिलेगी।


🌈 सुरती घारी (Surti Ghari Recipe in Hindi) के स्वादिष्ट प्रकार

🍯 1. पारंपरिक मावा घारी

इस संस्करण में मावा, भुना हुआ बेसन, चीनी और इलायची का स्वाद प्रमुख रहता है। यह पारंपरिक गुजराती मिठाई का मूल स्वाद देता है।

🌰 2. बादाम-पिस्ता घारी

इस संस्करण में बादाम और पिस्ता का स्वाद अधिक प्रमुख रखा जाता है। आपकी मुख्य रेसिपी में दोनों का पाउडर पहले से शामिल है।

🌼 3. केसर घारी

केसर को थोड़े दूध में भिगोकर स्टफिंग में मिलाएँ। इससे घारी में हल्की केसर की खुशबू आती है।

🥜 4. ड्राई फ्रूट घारी

बादाम और पिस्ता के साथ दूसरे सूखे मेवे भी शामिल किए जा सकते हैं। ध्यान रखें कि अतिरिक्त मेवों से स्टफिंग की बनावट बदल सकती है।

🍫 5. चॉकलेट घारी

आधुनिक स्वाद के लिए चॉकलेट या कोको आधारित स्टफिंग बनाई जा सकती है। यह पारंपरिक मावा घारी से अलग एक फ्यूजन विकल्प है।

नोट: इन सभी प्रकारों में सामग्री और मात्रा अलग हो सकती है। ऊपर दी गई मुख्य विधि पारंपरिक मावा घारी के लिए है।


🍽️ सुरती घारी (Surti Ghari Recipe in Hindi) को कैसे परोसें?

  • घारी को पूरी तरह ठंडा होने के बाद परोसें, ताकि ऊपर की घी की परत जम सके।
  • ऊपर से पिस्ता और बादाम की सजावट करें।
  • चांदी पड़वा के अवसर पर इसे भुसू या नमकीन के साथ परोस सकते हैं।
  • त्योहारों पर इसे साफ मिठाई के डिब्बे में रखकर परिवार और दोस्तों के साथ बाँटें।

🧊 सुरती घारी (Surti Ghari Recipe in Hindi) को कैसे स्टोर करें?

मावा से बनी घारी में दूध से बने पदार्थ और नमी होती है, इसलिए इसे सही तरीके से स्टोर करना जरूरी है।

  • घारी को पैक करने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें।
  • साफ और सूखे एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें।
  • यदि घारी तुरंत नहीं खानी है, तो उसे फ्रिज में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
  • घारी निकालते समय साफ और सूखे हाथों या चम्मच का इस्तेमाल करें।
  • खाने से पहले उसकी गंध, रंग और बनावट जाँचें। खराब होने के संकेत हों, तो उसे न खाएँ।
  • गर्म और नम मौसम में घारी को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से बचें।

महत्वपूर्ण: घर पर बनी मावा घारी कितने दिनों तक सुरक्षित रहेगी, यह मावा की ताजगी, नमी, सफाई और भंडारण के तापमान पर निर्भर करता है। बिना परीक्षण के इसकी निश्चित शेल्फ लाइफ बताना सही नहीं होगा।


🥗 सुरती घारी का पोषण और कैलोरी

सुरती घारी एक पारंपरिक मिठाई है, जिसे मुख्य रूप से स्वाद और त्योहारों के अवसर पर खाया जाता है।

⚡ 1. ऊर्जा का स्रोत

मावा, मैदा, चीनी और घी से ऊर्जा मिलती है। इसी वजह से घारी कैलोरी में भी अधिक हो सकती है।

🥛 2. प्रोटीन और कैल्शियम

मावा से कुछ मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। वास्तविक मात्रा इस्तेमाल किए गए मावा और प्रति सर्विंग की मात्रा पर निर्भर करती है।

🌰 3. सूखे मेवों से पोषक तत्व

बादाम और पिस्ता से कुछ प्रोटीन, असंतृप्त वसा और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं।

⚖️ 4. संतुलित मात्रा में सेवन

घारी में चीनी और वसा होती है, इसलिए इसे उचित मात्रा में और संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाना बेहतर है।

📊 कैलोरी की जानकारी

इस रेसिपी की प्रति घारी कैलोरी का सही अनुमान लगाने के लिए तैयार घारियों की कुल संख्या, उनके वजन और तलने के दौरान इस्तेमाल हुए तेल की मात्रा जानना जरूरी है। इन जानकारियों के बिना निश्चित कैलोरी संख्या देना उचित नहीं होगा।


❓ सुरती घारी रेसिपी से जुड़े 10 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs About Surti Ghari Recipe in Hindi)

1. सुरती घारी (Surti Ghari Recipe in Hindi) क्या है?

सुरती घारी गुजरात के सूरत शहर की प्रसिद्ध मिठाई है। इसे मैदा की बाहरी परत में मावा, बेसन, चीनी और सूखे मेवों की स्टफिंग भरकर बनाया जाता है।

2. सुरती घारी किस त्योहार पर खाई जाती है?

सुरती घारी का विशेष संबंध चांदी पड़वा से है, जिसे शरद पूर्णिमा के अगले दिन मनाया जाता है।

3. सुरती घारी रेसिपी में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?

इस रेसिपी में मावा, दरदरा बेसन, बादाम पाउडर, पिस्ता पाउडर, केसर, इलायची, बूरा या पिसी चीनी, मैदा, घी और तलने के लिए तेल इस्तेमाल होते हैं। अंत में जामखंभालिया घी की कोटिंग की जाती है।

4. घारी की स्टफिंग को कितना भूनना चाहिए?

मावा को धीमी आँच पर हल्का सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें। बेसन को अलग भूनें, जब तक उसकी कच्ची महक कम न हो जाए। मिश्रण को जलने न दें।

5. घारी तलते समय क्यों फट सकती है?

बहुत ज्यादा स्टफिंग भरने, आटे की परत में दरार होने या किनारों को सही तरह बंद न करने से घारी फट सकती है। इसलिए हर घारी को अच्छी तरह बंद करें।

6. क्या सुरती घारी में केसर डालना जरूरी है?

नहीं, केसर वैकल्पिक है। इसे डालने से घारी में हल्की खुशबू और रंग आता है।

7. क्या सुरती घारी को घी में तलना जरूरी है?

इस रेसिपी में घारी को सीधे घी में तलने के बजाय कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालकर पकाया जाता है। तलने के बाद घारी को जामखंभालिया घी में डुबोकर उसकी बाहरी परत तैयार की जाती है।

8. सुरती घारी कितने दिनों तक सुरक्षित रहती है?

इसकी सुरक्षित अवधि मावा की ताजगी, नमी, सफाई और भंडारण के तापमान पर निर्भर करती है। घर की बनी मावा घारी को फ्रिज में रखना बेहतर है। बिना परीक्षण के निश्चित दिनों की शेल्फ लाइफ नहीं माननी चाहिए।

9. क्या सुरती घारी को ओवन में बेक कर सकते हैं?

घारी को बेक करने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन उसका परिणाम पारंपरिक तरीके से तेल में पकाई गई घारी से अलग हो सकता है। इसके लिए अलग विधि का परीक्षण करना होगा।

10. सुरती घारी को भुसू के साथ क्यों खाया जाता है?

चांदी पड़वा पर घारी और भुसू साथ खाने की परंपरा है। घारी का मीठा स्वाद और भुसू का नमकीन, कुरकुरा स्वाद एक-दूसरे के साथ अच्छा लगता है।


सुरती घारी | Surti Ghari Recipe in Hindi – Traditional Chandi Padvo Mawa Sweet

Surti Ghari Recipe in Hindi के साथ घर पर बनाएं सूरत की मशहूर पारंपरिक गुजराती मिठाई। मावा, घी, बेसन, बादाम, पिस्ता, केसर और इलायची से तैयार इस Chandi Padvo Special Sweet में जानें स्टफिंग बनाने, आटा गूँथने, घारी का आकार देने और घी में तलने की आसान विधि।
Prep Time25 minutes
Cook Time30 minutes
Total Time55 minutes
Course: Dessert
Cuisine: Gujarati, Indian
Keyword: – Traditional Surti Ghari Recipe, – सुरत की मशहूर मिठाई, Ghari Recipe in Hindi, Mawa Ghari Recipe, Surat Famous Sweet, Surti Ghari Recipe, घर पर घारी कैसे बनाएं, घारी बनाने की रेसिपी, चांदी पड़वा स्पेशल मिठाई, मावा घारी रेसिपी, सुरती घारी बनाने की विधि, सुरती घारी रेसिपी
Servings: 16 pieces
Calories: 300kcal
Author: Mitali Delicious Kitchen

Ingredients

स्टफिंग के लिए:

  • मावा खोया – 500 ग्राम
  • दरदरा बेसन – 50 ग्राम
  • बादाम पाउडर – 50 ग्राम
  • पिस्ता पाउडर – 50 ग्राम
  • बूरा या पिसी चीनी – 1 कप
  • घी – 2 बड़े चम्मच
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • केसर – 1 चुटकी
  • दूध – केसर भिगोने के लिए

आटे के लिए:

  • मैदा – 200 ग्राम
  • घी – 1 बड़ा चम्मच
  • पानी – आवश्यकतानुसार

तलने और सजाने के लिए:

  • तेल – तलने के लिए आवश्यकतानुसार
  • जामखंभालिया घी – कोटिंग के लिए
  • कटे हुए पिस्ता – सजाने के लिए
  • कटे हुए बादाम – सजाने के लिए

Instructions

  • स्टफिंग तैयार करें:
    *मावा को 2 बड़े चम्मच घी में धीमी आँच पर भूनें। बेसन को अलग भूनकर मावा में मिलाएँ। बादाम पाउडर, पिस्ता पाउडर, इलायची और केसर डालें। मिश्रण ठंडा होने पर बूरा मिलाएँ।
  • आटा गूँथें:
    मैदा में 1 बड़ा चम्मच घी मिलाएँ। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मध्यम सख्त आटा गूँथें और 15–20 मिनट ढककर रखें।
  • घारी बनाएँ:
    आटे की छोटी लोइयाँ बेलें, बीच में स्टफिंग भरें और किनारों को अच्छी तरह बंद करके गोल, हल्का चपटा आकार दें।
  • तेल में तलें:
    कच्ची घारी को छेद वाली कड़छी पर रखें। कलछी से गरम तेल ऊपर डालते रहें, जब तक घारी सुनहरी न हो जाए। नीचे का हिस्सा पकाने के लिए कड़छी को थोड़ी देर तेल में डुबोएँ। घारी को सावधानी से निकालें।
  • कोटिंग और सजावट:
    जामखंभालिया घी को हल्का गर्म करें। तली हुई घारी को उसमें डुबोकर तुरंत निकालें। ऊपर से कटे हुए पिस्ता और बादाम सजाएँ और ठंडा होने दें, ताकि घी की परत जम जाए।

Notes

    • घारी को सीधे कड़ाही में न डालें; कड़छी पर रखकर ऊपर से गरम तेल डालें।
    • आटा मध्यम सख्त रखें और घारी के किनारों को अच्छी तरह बंद करें।
    • तेल का तापमान नियंत्रित रखें, ताकि घारी बाहर से जल्दी न जले।
    • जामखंभालिया घी को केवल हल्का गर्म करें।
    • घारी को पूरी तरह ठंडा होने के बाद साफ, सूखे कंटेनर में रखें। मावा वाली घारी को फ्रिज में रखना अधिक सुरक्षित है।
    • इस सामग्री से आकार के अनुसार लगभग 12–16 मध्यम घारियाँ बन सकती हैं।

🥗 Health Benefits (स्वास्थ्य संबंधी जानकारी)

    • ऊर्जा का स्रोत: मावा, मैदा, चीनी और घी शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
    • प्रोटीन और कैल्शियम: मावा से कुछ मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है।
    • सूखे मेवों के पोषक तत्व: बादाम और पिस्ता से कुछ प्रोटीन, असंतृप्त वसा और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं।
    • संतुलित सेवन: घारी में चीनी और वसा अधिक हो सकती है, इसलिए इसे उचित मात्रा में खाना बेहतर है।
    नोट: वास्तविक पोषण और कैलोरी की मात्रा इस्तेमाल की गई सामग्री, तैयार घारियों की संख्या और प्रत्येक घारी के वजन पर निर्भर करती है।

🏁 निष्कर्ष – Surti Ghari Recipe in Hindi

सुरती घारी सूरत की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाई है, जिसका चांदी पड़वा से गहरा सांस्कृतिक संबंध है। मावा, घी, चीनी, बादाम, पिस्ता और इलायची से बनी इसकी स्टफिंग इसे खास स्वाद देती है।

इस Surti Ghari Recipe in Hindi में आपने सामग्री तैयार करने से लेकर आटा गूँथने, स्टफिंग भरने, घारी तलने और स्टोरेज तक के जरूरी चरण सीखे। साथ ही, आपने आम गलतियों, सात उपयोगी टिप्स, स्वादिष्ट variations और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी जाने।

पहली बार घारी बनाते समय स्टफिंग को अच्छी तरह ठंडा करें, आटे को मध्यम सख्त रखें और घारी को नियंत्रित आँच पर तलें। इन बातों से घारी को संभालना आसान होगा और परिणाम बेहतर मिल सकता है।

अगर आपको यह पारंपरिक Gujarati Sweet Recipe पसंद आई, तो इसे चांदी पड़वा या किसी खास अवसर पर घर पर बनाकर देखें। अपनी पसंद के अनुसार केसर और सूखे मेवों का स्वाद समायोजित करें और मिठाई को सुरक्षित तरीके से स्टोर करें।

सूरत की इस खास मिठाई को अपने परिवार और दोस्तों के साथ बाँटें और गुजराती खानपान की परंपरा का आनंद लें।

💛 सुरती घारी बनाएँ, अपनों के साथ बाँटें और सूरत की मिठास का आनंद लें!


✅अन्य स्वादिष्ट व्यंजन


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सुरती घारी Surti ghari recipe in hindi
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