Makki Roti रेसिपी | सरसों के साग के साथ परफेक्ट मक्की की रोटी
सर्दियों का मौसम और गरमा-गरम
Makki Roti + Sarson Ka Saag 😍
इससे बेहतर combo कुछ नहीं!
बाहर से हल्की कुरकुरी,
अंदर से नरम और खुशबूदार
देसी घी लगी हुई मक्की की रोटी 🤤
अगर आपकी रोटी तवे पर टूट जाती है
या सही शेप नहीं बनती 😅
तो ये recipe आपके लिए perfect है 🔥
इस पोस्ट में आप सीखेंगे:
✔ मक्की की रोटी बिना टूटे कैसे बनाएं
✔ नरम रोटी का सीक्रेट
✔ तवे पर चिपके नहीं उसका तरीका
✔ ढाबा स्टाइल स्वाद कैसे लाएं
🫓 Makki Roti बनाने की विधि
🥣 सामग्री (Ingredients)
- मक्की का आटा – 2 कप
- गेहूं का आटा – 2 टेबलस्पून (optional, binding के लिए)
- नमक – ½ छोटा चम्मच
- गरम पानी – जरूरत अनुसार
- घी / मक्खन – सेंकने के लिए
👩🍳 Step-by-Step विधि
Step 1: आटा गूंथें
एक बाउल में मक्की का आटा और नमक मिलाएं।
अब थोड़ा-थोड़ा गरम पानी डालकर
नरम आटा गूंथ लें।
ढककर 10 मिनट रेस्ट दें 😍
Step 2: लोई बनाएं
हाथों में पानी या घी लगाएं।
आटे से नींबू जितनी लोई लें।
Step 3: बेलें (या थपथपाएं)
दो प्लास्टिक शीट या गीले कपड़े के बीच
लोई रखकर हाथ से थपथपाकर
गोल रोटी बनाएं।
Step 4: तवे पर सेकें
गरम तवे पर धीरे से रोटी रखें।
एक साइड पकने दें।
फिर पलटें।
दोनों तरफ घी लगाकर
सुनहरी चित्ती आने तक सेकें 😍
🧈 सर्व करने का तरीका
गरमागरम Makki Roti परोसें 😍
✔ सरसों का साग
✔ सफेद मक्खन
✔ गुड़
✔ छाछ के साथ 🤤
💡 परफेक्ट Makki Roti के लिए टिप्स
✔ गरम पानी से आटा गूंथें
✔ हाथ गीले रखें
✔ रोटी बहुत पतली न बनाएं
✔ धीमी–मीडियम आंच पर सेकें
❌ आम गलतियाँ
❌ ठंडे पानी से आटा गूंथना
❌ बेलन से बेलना
❌ बहुत पतली रोटी बनाना
📌 Variations
• बिना गेहूं आटा (100% मक्की)
• मेथी मक्की रोटी
• लहसुन मक्की रोटी
📌 निष्कर्ष
Makki Roti (Winter Special)
सर्दियों की शान है 😍
अगर आपको ये
makki roti recipe in hindi
पसंद आई हो
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🌿 Sarson Ka Saag रेसिपी | ढाबा स्टाइल सर्दियों का स्पेशल साग
सर्दियों का मौसम आते ही सबसे पहले जिस डिश का नाम ज़ुबान पर आता है,
वो है Sarson Ka Saag 😍
ढाबों पर मिलने वाला गाढ़ा, खुशबूदार और मक्खन में तैरता हुआ साग
हर किसी का दिल जीत लेता है।
अगर आप भी घर पर बिल्कुल वैसा ही
ढाबा स्टाइल सरसों का साग बनाना चाहते हैं,
तो यह रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है।
इस पोस्ट में आप सीखेंगे:
✔ सरसों का साग बिल्कुल स्मूद कैसे बनाएं
✔ कड़वाहट कैसे दूर करें
✔ ढाबा जैसा रंग और स्वाद कैसे लाएं
✔ परफेक्ट तड़का लगाने का तरीका
🌿 Sarson Ka Saag बनाने की विधि (Dhaba Style)
🥣 सामग्री (Ingredients)
- सरसों के पत्ते – 500 ग्राम (कटे हुए)
- पालक – 200 ग्राम
- बथुआ – 100 ग्राम (ऑप्शनल लेकिन recommended)
- हरी मिर्च – 2
- अदरक – 1 इंच टुकड़ा
- लहसुन – 6–8 कलियां
- मक्की का आटा – 2 टेबलस्पून
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – जरूरत अनुसार
तड़के के लिए
- देसी घी / मक्खन – 2 टेबलस्पून
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- कटा लहसुन – 1 टेबलस्पून
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
👩🍳 Step-by-Step विधि
Step 1: पत्ते उबालें
प्रेशर कुकर में डालें:
सरसों, पालक, बथुआ, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, नमक और थोड़ा पानी।
3–4 सीटी आने तक पकाएं।
Step 2: पीसें
ठंडा होने पर
मिक्सर में मोटा-सा पीस लें
(पूरी तरह स्मूद नहीं, थोड़ा टेक्सचर रहे 😍)
Step 3: पकाएं
कढ़ाही में साग डालें।
मक्की का आटा ½ कप पानी में घोलकर डालें।
मीडियम आंच पर 10–15 मिनट पकाएं
जब तक साग गाढ़ा न हो जाए।
Step 4: तड़का लगाएं
पैन में घी गरम करें।
जीरा डालें।
अब कटा लहसुन डालें और सुनहरा करें।
लाल मिर्च पाउडर डालें।
तड़का साग में डालें।
अच्छे से मिक्स करें।
🌶️ सर्व करने का तरीका
गरमागरम Sarson Ka Saag को परोसें:
✔ मक्खन की डली
✔ मक्की की रोटी
✔ गुड़
✔ सफेद मक्खन
✔ कटी प्याज़ और हरी मिर्च के साथ 😍
💡 परफेक्ट Sarson Ka Saag के लिए टिप्स
✔ सरसों अकेली न लें, पालक जरूर मिलाएं
✔ ज्यादा स्मूद न पीसें
✔ मक्की का आटा ज़रूर डालें
✔ धीमी आंच पर अच्छे से पकाएं
✔ तड़का घी में ही लगाएं 😍
❌ आम गलतियाँ
❌ सरसों के पत्ते ज्यादा लेना
❌ मक्की का आटा न डालना
❌ तेज आंच पर पकाना
❌ कच्चा तड़का डालना
📌 Variations (वैरिएशन)
• Jain Style Saag
– लहसुन न डालें
• Creamy Saag
– अंत में 2 टेबलस्पून फ्रेश क्रीम डालें
• Extra Spicy Saag
– ज्यादा हरी मिर्च डालें
📌 निष्कर्ष
Sarson Ka Saag (Dhaba Style)
सर्दियों की सबसे पसंदीदा डिश है 😍
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sarson ka saag recipe in hindi
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पंजिरी रेसिपी | Panjiri Recipe in Hindi | पंजिरी प्रसाद बनाने की आसान, फायदे, स्वादिष्ट विधि और टिप्स
📖 परिचय (Introduction) (पंजिरी / पंजीरी / Panjiri Recipe in Hindi)
पंजिरी (Panjiri) भारत की पारंपरिक मिठाई और प्रसाद में से एक है, जिसका विशेष स्थान खासकर जन्माष्टमी, गुरुपर्व, करवा चौथ, नवरात्रि और ठंडी ऋतु में होता है। उत्तर भारत के मंदिरों और घरों में इसे भगवान को भोग लगाने के बाद भक्तों में बाँटा जाता है।
पंजिरी को कृष्ण भोग में खास स्थान मिला है, क्योंकि मान्यता है कि यह श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। यह केवल स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भी है—खासकर सर्दियों में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देने के लिए यह आदर्श प्रसाद है।
आटे को घी में सुनहरा भूनकर, उसमें चीनी या मिश्री, सूखे मेवे और कभी-कभी नारियल मिलाकर जो खुशबू आती है, वह न सिर्फ़ भूख बढ़ाती है, बल्कि भक्ति और घर के माहौल में मिठास घोल देती है।
आयुर्वेद में भी पंजिरी / पंजीरी को शरीर को ताकत देने वाला, पाचन सुधारने वाला और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। जन्म के बाद नई माताओं को इसे खिलाने की परंपरा भी है, ताकि उन्हें पोषण और ऊर्जा मिल सके।
अब आइए, इस स्वादिष्ट और पवित्र पंजिरी (पंजीरी) Panjiri Recipe in Hindi को बनाने की विधि जानें।
🥛 सामग्री (Ingredients for पंजिरी / पंजीरी / Panjiri Recipe in Hindi)
- गेहूँ का आटा – 1 कप
- देसी घी – ½ कप
- पिसी चीनी या कुटी मिश्री – ¾ कप
- काजू – 8–10 (कटा हुआ)
- बादाम – 8–10 (कटा हुआ)
- अखरोट – 4–5 (वैकल्पिक)
- किशमिश – 2 टेबलस्पून
- सूखा नारियल (कद्दूकस) – 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक)
- इलायची पाउडर – ½ टीस्पून
- सूखी अदरक पाउडर (सोंठ) – ¼ टीस्पून (सर्दियों में)

🪄 बनाने की विधि (पंजिरी / पंजीरी / Panjiri Recipe in Hindi)
- एक साफ़ और सूखा कड़ाही या भारी तले का पैन लें।
- उसमें घी डालकर गरम करें।
- कटे हुए काजू, बादाम, अखरोट और नारियल हल्का सुनहरा होने तक भून लें, फिर अलग निकाल लें।
- अब उसी घी में गेहूँ का आटा डालें।
- धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए आटे को सुनहरा और खुशबू आने तक भूनें (लगभग 10–12 मिनट)।
- आटा अच्छे से भुन जाने पर गैस बंद कर दें और आटे को हल्का ठंडा होने दें।
- अब इसमें पिसी चीनी/कुटी मिश्री, इलायची पाउडर, सोंठ पाउडर और भुने हुए सूखे मेवे मिला दें।
- अच्छी तरह मिक्स करें ताकि स्वाद और खुशबू एकसार हो जाए।
- आपकी पंजिरी / पंजीरी (Panjiri Recipe in Hindi) तैयार है—इसे प्रसाद के रूप में पूजा में भोग लगाएँ और फिर सभी में बाँटें।
💡 टिप्स (Tips for Best Panjiri Recipe in Hindi / पंजिरी / पंजीरी )
- आटा हमेशा धीमी आंच पर भूनें, वरना जलने की संभावना रहती है।
- मिश्री का उपयोग करने पर उसे पहले कूट लें, ताकि आसानी से मिक्स हो सके।
- सूखे मेवे अपनी पसंद और मौसम के अनुसार बदल सकते हैं।
- सर्दियों में सोंठ डालने से शरीर को अतिरिक्त गर्माहट मिलती है।
- अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं तो मेवों को बारीक काटें या पाउडर बना लें।
❌ सामान्य गलतियाँ (Mistakes to Avoid) Panjiri Recipe in Hindi
- तेज़ आंच पर आटा भूनना—इससे वह कच्चा रह सकता है और ऊपर से जल सकता है।
- बासी घी या नमी वाला आटा इस्तेमाल करना—इससे स्वाद और खुशबू बिगड़ जाती है।
- चीनी को गरम आटे में डालना—इससे वह पिघलकर पंजिरी / पंजीरी चिपचिपी हो जाएगी।
- बहुत अधिक सूखे मेवे डालना—इससे बैलेंस स्वाद बिगड़ सकता है।
🌿 हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits of Panjiri Recipe in Hindi / पंजिरी / पंजीरी )
- ऊर्जा का स्रोत: घी और आटा तुरंत ऊर्जा देते हैं।
- पाचन सुधारक: सोंठ और इलायची पेट को हल्का और आरामदायक रखते हैं।
- हड्डियों के लिए लाभकारी: सूखे मेवे और घी में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत करते हैं।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: बादाम, काजू और अखरोट इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
- सर्दी से बचाव: सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में मदद करती है।
🙋♀️ FAQs (Frequently Asked Questions)Panjiri Recipe in Hindi
Q1. क्या पंजिरी / पंजीरी को पहले से बना सकते हैं?
A1: हाँ, इसे एयरटाइट डिब्बे में 15–20 दिन तक रखा जा सकता है।
Q2. क्या पंजिरी बिना मेवों के बन सकती है?
A2: हाँ, आप केवल आटा, घी और चीनी से भी बना सकते हैं।
Q3. क्या पिसी चीनी की जगह गुड़ डाल सकते हैं?
A3: हाँ, लेकिन गुड़ डालते समय आटा हल्का गरम होना चाहिए, वरना वह पिघल जाएगा।
Q4. क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है?
A4: हाँ, लेकिन 1 साल से छोटे बच्चों को न दें और मेवों को पाउडर करके डालें।
Q5. क्या पंजिरी में मखाने डाल सकते हैं?
A5: हाँ, मखाने को हल्का भूनकर तोड़कर मिला सकते हैं।
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🍽️ परोसने के सुझाव (Serving Suggestions) Panjiri Recipe in Hindi
- पूजा के बाद छोटी कटोरियों में परोसें।
- चाय या दूध के साथ स्नैक के रूप में दें।
- सर्दियों में नाश्ते में 2–3 चम्मच पंजिरी / पंजीरी खाना लाभदायक है।
📌 निष्कर्ष (Conclusion) – पंजिरी / पंजीरी / Panjiri Recipe in Hindi
Panjiri recipe in Hindi केवल एक मीठी डिश नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली का जीवंत प्रतीक है। यह वह प्रसाद है जो हमारी दादी-नानी के हाथों से बना, हमारी बचपन की यादों में बसा और हर त्योहार व पूजा का अभिन्न हिस्सा बना रहा है। चाहे जन्माष्टमी हो, नवरात्रि, सत्यानारायण की कथा, या प्रसूता महिलाओं की देखभाल—हर अवसर पर Panjiri / पंजीरी का महत्व अलग ही होता है।
इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्रियाँ—गेहूँ का आटा, घी, ड्राई फ्रूट्स, मिश्री—न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को ताकत, ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी देते हैं। आयुर्वेद में भी Panjiri को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना गया है। यह सर्दियों में शरीर को गर्म रखती है, बच्चों को पोषण देती है और बुज़ुर्गों को ताकत देती है।
Panjiri Recipe in Hindi / पंजीरी का असली मूल्य केवल इसके स्वाद या पोषण में नहीं, बल्कि उस भाव में है जिसके साथ इसे बनाया जाता है। पूजा में जब Panjiri को भगवान को भोग लगाया जाता है और फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है, तो यह प्रेम, आशीर्वाद और भक्ति का प्रतीक बन जाती है। यही कारण है कि Panjiri recipe in Hindi आज भी उतनी ही लोकप्रिय और सम्मानित है जितनी सदियों पहले थी।
जब भी आप घर पर Panjiri बनाएं, याद रखें कि यह सिर्फ एक मिठाई नहीं—यह परंपरा है, यह आशीर्वाद है, यह हमारी जड़ों से जुड़ाव का एक स्वादिष्ट माध्यम है। ताज़ी और शुद्ध सामग्री का उपयोग करें, मन में सकारात्मक भाव रखें और इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें, क्योंकि Panjiri का असली आनंद तभी है जब इसे मिल-बाँट कर खाया जाए।
इसलिए अगली बार चाहे कोई भी शुभ अवसर हो, Panjiri / पंजीरी (Panjiri Recipe in Hindi) को अपनी थाली में ज़रूर शामिल करें। यह न केवल आपके मेहमानों के स्वाद को प्रसन्न करेगी, बल्कि आपके दिल और आत्मा को भी संतोष और आनंद से भर देगी। यही है Panjiri की असली पहचान—स्वाद, सेहत और संस्कार का अद्भुत संगम।