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Panjiri Recipe in Hindi | जन्माष्टमी स्पेशल आटे की पंजीरी

आटा, घी, मिश्री और मेवों से सिर्फ 5 आसान स्टेप्स में स्वादिष्ट आटे की पंजीरी बनाएं। जन्माष्टमी के भोग और प्रसाद के लिए यह आसान Panjiri Recipe जरूर ट्राई करें।
Prep Time5 minutes
Cook Time15 minutes
Total Time20 minutes
Course: Dessert, Prasad
Cuisine: Indian
Keyword: Aata Panjiri Recipe, Janmashtami Panjiri Recipe, Janmashtami Prasad Recipe, Panjiri Recipe in Hindi, आटे की पंजीरी, आटे की पंजीरी का भोग, आटे की पंजीरी रेसिपी, कृष्ण भोग, जन्माष्टमी प्रसाद, जन्माष्टमी स्पेशल पंजीरी, पंजीरी कैसे बनाएं, पंजीरी बनाने की विधि, पंजीरी रेसिपी
Servings: 5 People
Calories: 250kcal
Author: Mitali Delicious Kitchen

Ingredients

  • 1 कप गेहूं का आटा
  • ½ कप देसी घी
  • ¾ कप पिसी चीनी या कुटी मिश्री
  • 8 –10 काजू कटे हुए
  • 8 –10 बादाम कटे हुए
  • 4 –5 अखरोट कटे हुए (वैकल्पिक)
  • 2 टेबलस्पून किशमिश
  • 2 टेबलस्पून सूखा नारियल कद्दूकस किया हुआ (वैकल्पिक)
  • ½ टीस्पून इलायची पाउडर
  • ¼ टीस्पून सोंठ पाउडर वैकल्पिक

Instructions

  • कड़ाही में घी गरम करके काजू, बादाम, अखरोट और नारियल को हल्का सुनहरा भूनें और निकाल लें।
  • उसी घी में गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर लगभग 10–12 मिनट तक लगातार चलाते हुए सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें।
  • गैस बंद करके आटे को थोड़ा ठंडा होने दें।
  • इसमें पिसी चीनी या कुटी मिश्री, इलायची और सोंठ मिलाएं।
  • भुने हुए मेवे और किशमिश डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
  • तैयार आटे की पंजीरी को जन्माष्टमी पर भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में परोसें।

Notes

  • आटे को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनना सबसे जरूरी है।
  • गर्म आटे में चीनी न मिलाएं, वरना पंजीरी चिपचिपी हो सकती है।
  • मेवों को अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं।
  • पंजीरी को पूरी तरह ठंडा करके airtight container में रखें।
  • व्रत के लिए: यह recipe गेहूं के आटे से बनी है, इसलिए इसे सामान्य फलाहारी व्रत की recipe न मानें।

🌿 Health Benefits of Panjiri

  • ऊर्जा का अच्छा स्रोत: आटा, घी और मेवे calorie और energy प्रदान करते हैं।
  • पोषक तत्वों से भरपूर: बादाम, काजू और अखरोट से healthy fats और अन्य nutrients मिलते हैं।
  • पेट भरने में मदद: मेवे और आटे की वजह से यह लंबे समय तक संतुष्टि दे सकती है।
  • सर्दियों के लिए उपयुक्त: घी और सोंठ वाली पंजीरी पारंपरिक रूप से ठंड के मौसम में खाई जाती है।
  • स्वादिष्ट प्रसाद: जन्माष्टमी और पूजा के अवसर पर इसे पौष्टिक मिठाई/प्रसाद के रूप में परोसा जा सकता है।
Note: पंजीरी calorie-dense होती है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है।