Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi | सर्दियों की खास खट्टी-मीठी गुजराती लीलवा कचौरी बनाने की आसान विधि
🌿 परिचय (Introduction) : Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi सिर्फ एक रेसिपी नहीं, बल्कि गुजरात की पारंपरिक रसोई की पहचान है। सर्दियों के मौसम में जैसे ही बाजार में ताज़े हरे तुवर के दाने (लीलवा) आने लगते हैं, वैसे ही हर गुजराती घर में लीलवा से बनने वाले व्यंजन शुरू हो जाते हैं। उन्हीं में से सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली फरसान रेसिपी है — लीलवा की कचौरी।
यह कचौरी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम, खट्टे-मीठे और मसालेदार स्वाद से भरपूर होती है। Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi खास तौर पर नाश्ते, शाम की चाय और मेहमानों के लिए बनाई जाती है। भले ही इसे बनाने की प्रक्रिया थोड़ी लंबी लगे, लेकिन सही तरीके से बनाएं तो यह रेसिपी बिल्कुल आसान हो जाती है।
आज के समय में जब लोग instant snacks की ओर ज़्यादा झुक रहे हैं, तब यह पारंपरिक गुजराती फरसान हमें याद दिलाती है कि असली स्वाद समय और धैर्य से ही आता है।
🟡 लीलवा (Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi) की कचौरी क्या है?
लीलवा की कचौरी एक भरवां गुजराती स्नैक है, जिसमें दरदरे पिसे हुए हरे तुवर के दानों की स्टफिंग भरी जाती है। इस स्टफिंग में हरा नारियल, हरी मिर्च, अदरक, नींबू का रस, चीनी और खुशबूदार मसाले डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद खट्टा-मीठा और हल्का तीखा बनता है।
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi को अक्सर लोग इन नामों से भी जानते हैं:
- Lilva Kachori
- Gujarati Lilva Kachori
- Lilva ni Kachori
यह कचौरी बाकी कचौरियों से इसलिए अलग है क्योंकि:
- इसमें उबले आलू या दाल नहीं
- बल्कि ताज़े हरे तुवर के दाने होते हैं
- जो इसे एक seasonal और special recipe बनाते हैं
🏺 गुजराती फरसान में लीलवा कचौरी (Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi) का महत्व
गुजरात में “फरसान” सिर्फ खाना नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा होता है। चाहे त्योहार हो, पूजा हो, मेहमान आए हों या रोज़ की शाम की चाय — फरसान ज़रूर बनता है।
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi सर्दियों में फरसान की थाली की शान होती है। खमण, पातरा, ढोकला और थेपला के साथ लीलवा कचौरी परोसी जाए तो पूरी गुजराती थाली का स्वाद दोगुना हो जाता है।
खासकर:
- उत्तरायण
- शादी-समारोह
- सर्दियों की पारिवारिक बैठकों
में यह कचौरी बहुत लोकप्रिय है।
❄️ Winter Special Lilva Kachori क्यों कहलाती है?
लीलवा यानी हरे तुवर के दाने सिर्फ सर्दियों में ही ताज़े मिलते हैं। यही वजह है कि:
- यह कचौरी पूरे साल नहीं बनती
- इसका स्वाद fresh seasonal ingredient से आता है
- और यह शरीर को ठंड के मौसम में ऊर्जा देती है
इसी कारण इसे Winter Special Lilva Kachori कहा जाता है।
सर्दियों में शरीर को हल्की मिठास, मसाले और ऊर्जा देने वाले भोजन की ज़रूरत होती है — और लीलवा कचौरी इस जरूरत को पूरा करती है।
😋 स्वाद प्रोफाइल (Taste Profile)
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi का स्वाद एकदम balanced होता है:
- 🌶️ हल्की तीखापन — हरी मिर्च और अदरक से
- 🍋 हल्की खटास — नींबू के रस से
- 🍬 हल्की मिठास — चीनी और किशमिश से
- 🥥 खुशबू और richness — नारियल और तिल से
यही कारण है कि यह कचौरी न ज्यादा तीखी लगती है, न ज्यादा मीठी — बल्कि हर bite में perfect गुजराती स्वाद देती है।

🧺 सामग्री का महत्व (Ingredients) : Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi
सामग्री का महत्व (Ingredients Overview & Quantity)
इस Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का अपना एक खास रोल है। सही मात्रा (quantity) में सामग्री लेने से ही कचौरी का स्वाद, texture और balance परफेक्ट बनता है।
🟢 स्टफिंग के लिए (Stuffing Ingredients)
- हरे तुवर के दाने (लीलवा) – ¾ कप
- किसा हुआ हरा नारियल / सूखा नारियल – ¼ कप
- हरी मिर्च की पेस्ट – 3–4 हरी मिर्च
- अदरक की पेस्ट – ½ इंच
- तिल – 1 बड़ा चम्मच
- काजू (बारीक कटे) – 7–8
- किशमिश (लाल व काली) – 1 बड़ा चम्मच
- गरम मसाला – 1 छोटी चम्मच
- चीनी – 2 बड़े चम्मच
- नींबू का रस – 2 बड़े चम्मच
- हरा लहसुन (बारीक कटा) – 2 बड़े चम्मच
- हरा धनिया (बारीक कटा) – 2 बड़े चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – 1 बड़ा चम्मच (भूनने के लिए)
🟡 बाहरी परत के लिए (Outer Cover Ingredients)
- मैदा – ½ कप
- गेहूं का आटा – ½ कप
- अजवाइन – ½ छोटी चम्मच
- नींबू का रस – ¼ छोटी चम्मच
- तेल (मोयन) – 1 बड़ा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – तलने के लिए आवश्यकतानुसार
इसी संतुलन के कारण Gujarati Kachori Recipe में लीलवा कचौरी सबसे अलग पहचान बनाती है।
🧠 Cooking Logic (थोड़ा समझना ज़रूरी)
बहुत से लोग पूछते हैं
👉 How to make lilva kachori at home ताकि कचौरी फटे नहीं और तेल न पीए?
इसका जवाब simple है:
- स्टफिंग पूरी तरह ठंडी हो
- बाहरी आटा न ज्यादा नरम, न ज्यादा सख्त हो
- तलते समय आंच मध्यम से धीमी हो
इसी logic पर हम आगे Lilva kachori step by step recipe में detail देखेंगे।
⭐ क्यों खास है Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi?
इस रेसिपी को खास बनाता है:
✔ पारंपरिक गुजराती स्वाद
✔ Seasonal fresh ingredient
✔ खट्टा-मीठा-मसालेदार balance
✔ नाश्ता और फरसान — दोनों के लिए perfect
✔ घर पर मेहमानों को impress करने वाली रेसिपी
🧺 लीलवा कचौरी की स्टफिंग बनाने की विधि
(Lilva Kachori Stuffing Recipe – Detail Explanation)
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi की जान उसकी स्टफिंग होती है। अगर स्टफिंग सही बनी, तो कचौरी अपने-आप स्वादिष्ट बनेगी।
🔹 Step 1: लीलवा (हरे तुवर) तैयार करना
- हरे तुवर के दानों को अच्छे से धो लें
- मिक्सी में डालकर दरदरा पीसें
👉 ध्यान रखें:
- बिल्कुल पेस्ट न बनाएँ
- हल्का दाना-दाना texture रहना चाहिए
यही दरदरापन Lilva ni Kachori को खास बनाता है।
🔹 Step 2: सूखे मेवे और तिल भूनना
- एक कढ़ाही में 1 बड़ा चम्मच तेल गरम करें
- उसमें तिल डालें
- काजू और किशमिश डालकर 20–30 सेकंड भूनें
👉 ज्यादा भूनना नहीं है, वरना कड़वाहट आ सकती है।
इस स्टेप से स्टफिंग में richness आती है।
🔹 Step 3: लीलवा भूनना (Most Important Step)
- अब उसी कढ़ाही में दरदरा पिसा हुआ लीलवा डालें
- हरी मिर्च-अदरक की पेस्ट डालें
- धीमी आंच पर लगभग 10 मिनट भूनें
👉 क्यों ज़रूरी है?
- कच्चापन खत्म करने के लिए
- पानी सूखाने के लिए
- stuffing को bind करने के लिए
यही स्टेप Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi को perfect बनाता है।
🔹 Step 4: मसाले और नारियल डालना
10 मिनट बाद इसमें डालें:
- किसा हुआ नारियल
- गरम मसाला
- चीनी
- हरा लहसुन
- हरा धनिया
- स्वादानुसार नमक
अब 2 मिनट और धीमी आंच पर भूनें।
👉 यहाँ से कचौरी में गुजराती खट्टा-मीठा flavour develop होता है।
🔹 Step 5: नींबू का रस डालना और ठंडा करना
- गैस बंद करें
- नींबू का रस डालें
- अच्छी तरह मिलाएँ
अब stuffing को पूरी तरह ठंडा होने दें।
⚠️ गरम stuffing भरने से कचौरी फट जाती है।
👉 आपकी Lilva kachori stuffing recipe तैयार है ✅
🧺 कचौरी की बाहरी परत बनाने की विधि
(Outer Cover Preparation)
बाहरी परत अगर सही न बनी, तो कचौरी:
- तेल ज़्यादा पिएगी
- या फट जाएगी
इसलिए यह हिस्सा बहुत ज़रूरी है।
🔹 Step 1: सूखी सामग्री मिलाना
एक बर्तन में डालें:
- गेहूं का आटा
- मैदा
- अजवाइन
- नमक
सब कुछ अच्छे से मिक्स करें।
🔹 Step 2: तेल और नींबू रस डालना
- अब तेल डालें
- नींबू का रस डालें
- हाथों से मसलकर मोयन सेट करें
👉 मोयन सही होगा तो कचौरी कुरकुरी बनेगी।
🔹 Step 3: आटा गूँथना
- थोड़ा-थोड़ा पानी डालें
- थोड़ा सख्त आटा गूँथें
⚠️ आटा:
- न बहुत नरम
- न बहुत सख्त
- 15 मिनट ढककर रखें
🥟 Gujarati Lilva Kachori बनाने की विधि
(Lilva Kachori Step by Step Recipe)
🔹 Step 1: पूरी बेलना
- आटे से एक लोई लें
- छोटी पूरी बेलें
- किनारे पतले रखें
🔹 Step 2: स्टफिंग भरना
- बीच में 1–1.5 चम्मच stuffing रखें
- ज्यादा stuffing न भरें
🔹 Step 3: प्लीट बनाना
- उँगली और अंगूठे से प्लीट बनाते जाएँ
- सारी प्लीट को ऊपर इकट्ठा करें
- दबाकर बंद करें
- ऊपर का extra हिस्सा निकाल दें
👉 यही traditional तरीका Gujarati Kachori Recipe में इस्तेमाल होता है।
🔹 Step 4: सारी कचौरियाँ तैयार करना
- इसी तरह सारी कचौरियाँ बना लें
- कपड़े से ढककर रखें
🔹 Step 5: तलना (Very Important)
- कढ़ाही में तेल गरम करें
- तेल बहुत तेज न हो
- मध्यम-धीमी आंच पर कचौरी डालें
धीरे-धीरे पलटते हुए:
- सुनहरा
- कुरकुरा होने तक तलें
👉 तेज आंच पर तलने से कचौरी बाहर से जल जाएगी और अंदर कच्ची रहेगी।
⭐ Perfect Gujarati Lilva Kachori बनाने के Tips
✔ stuffing पूरी तरह ठंडी हो
✔ आटे में सही मोयन हो
✔ तेल मध्यम गरम हो
✔ कचौरियाँ धीरे-धीरे तलें

🔄 Variations – लीलवा कचौरी के अलग-अलग अंदाज़
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi की खूबसूरती यही है कि आप इसे अपने स्वाद और ज़रूरत के अनुसार थोड़ा बदल सकते हैं।
🔸 1️⃣ मटर + लीलवा कचौरी
अगर ताज़ा लीलवा कम हो, तो:
- 50% हरे मटर
- 50% हरे तुवर के दाने
का इस्तेमाल करें। स्वाद हल्का बदलता है, लेकिन texture अच्छा रहता है।
🔸 2️⃣ Jain Style Lilva Kachori
- बिना हरा लहसुन
- बिना अदरक
- सिर्फ हरी मिर्च, नारियल और मसाले
यह version जैन परिवारों के लिए perfect है।
🔸 3️⃣ कम तेल वाली लीलवा कचौरी
- थोड़ी छोटी कचौरी बनाएं
- तेल मध्यम रखें
- ज्यादा देर तलें
👉 यह version भारी नहीं लगता।
🔸 4️⃣ Oven / Air Fryer Version (Optional)
अगर आप बहुत हेल्थ-conscious हैं, तो:
- हल्का तेल लगाकर
- 180°C पर bake / air fry कर सकते हैं
(हालाँकि traditional taste deep-fried में ही आता है)
⚠️ Common Mistakes (जो कचौरी खराब कर देती हैं)
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi में ये गलतियाँ अक्सर लोग करते हैं:
❌ 1️⃣ stuffing पूरी तरह ठंडी न करना
गरम stuffing से:
- कचौरी फटती है
- तेल ज़्यादा पीती है
❌ 2️⃣ लीलवा को ज़्यादा पीस देना
अगर paste बन गया:
- अंदर texture नहीं रहेगा
- stuffing भारी हो जाएगी
❌ 3️⃣ आटा बहुत नरम गूँथना
इससे:
- कचौरी फैल जाती है
- कुरकुरापन नहीं आता
❌ 4️⃣ तेज आंच पर तलना
तेज आंच से:
- बाहर से जलती है
- अंदर से कच्ची रहती है
❌ 5️⃣ खट्टा-मीठा balance बिगाड़ना
- ज्यादा चीनी → cloying
- ज्यादा नींबू → खट्टा
👉 गुजराती स्वाद हमेशा balanced होता है।
🧮 Nutrition Table (Approx – 1 कचौरी)
| पोषक तत्व | मात्रा |
|---|---|
| कैलोरी | 180–200 kcal |
| कार्बोहाइड्रेट | 22 g |
| प्रोटीन | 5 g |
| फैट | 8 g |
| फाइबर | 3 g |
| आयरन | Moderate |
👉 यह Winter special lilva kachori होने के कारण ऊर्जा देने वाली फरसान है, इसे moderation में खाएं।
🍽️ Serving Suggestions : Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi
Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi को इन चीज़ों के साथ परोसें:
✔ हरी धनिया-पुदीना चटनी
✔ मीठी इमली की चटनी
✔ शाम की गरम चाय
✔ गुजराती फरसान थाली के साथ
👉 नाश्ता, शाम की चाय या मेहमानों के लिए perfect।
❓ FAQs – Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi
Q1. Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi घर पर कैसे बनाएं?
दरदरे पिसे लीलवा, खट्टा-मीठा stuffing और मध्यम आंच पर तलकर।
Q2. Lilva kachori stuffing recipe में कच्चापन क्यों आता है?
लीलवा को सही समय तक भूनने से कच्चापन खत्म होता है।
Q3. Lilva ni Kachori फट क्यों जाती है?
गरम stuffing या नरम आटे की वजह से।
Q4. How to make lilva kachori at home without breaking?
Stuffing ठंडी रखें और आटा सही सख्ती का गूँथें।
Q5. Gujarati lilva kachori recipe in Hindi सर्दियों में ही क्यों बनती है?
क्योंकि लीलवा ताज़ा सिर्फ सर्दियों में मिलता है।
Q6. Lilva kachori step by step recipe में सबसे important step कौन-सा है?
Stuffing को अच्छी तरह भूनना और ठंडा करना।
Q7. क्या लीलवा कचौरी स्टोर कर सकते हैं?
हाँ, 1 दिन airtight box में रख सकते हैं।
Q8. क्या Lilva Kachori बच्चों को दे सकते हैं?
हाँ, मिर्च कम करके।
Q9. Gujarati Kachori Recipe और Lilva Kachori में क्या फर्क है?
Lilva kachori में seasonal हरे तुवर का इस्तेमाल होता है।
Q10. क्या Lilva kachori oven में बन सकती है?
हाँ, लेकिन traditional स्वाद तलने में ही आता है।
❤️ निष्कर्ष (Conclusion) – Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi
इस पूरे लेख में हमने Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi को हर पहलू से समझा —
उसकी पारंपरिक पहचान, seasonal महत्व, stuffing की सही technique, बाहरी परत का balance, तलने का विज्ञान और स्वाद का सही अनुपात।
आपने सीखा कि:
- सही दरदरापन क्यों ज़रूरी है
- खट्टा-मीठा गुजराती स्वाद कैसे बनता है
- छोटी-छोटी गलतियाँ कचौरी क्यों खराब कर देती हैं
- और कैसे यह Winter special lilva kachori हर गुजराती घर की शान है
यह रेसिपी हमें यह भी याद दिलाती है कि असली स्वाद समय, धैर्य और परंपरा से आता है। जब आप घर पर यह कचौरी बनाते हैं, तो सिर्फ फरसान नहीं बनता — बल्कि गुजराती संस्कृति की खुशबू रसोई में फैल जाती है।
🛒 Amazon Affiliate Section (Kitchen Essentials)
अगर आप perfect Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi बनाना चाहते हैं, तो ये चीज़ें काम आएंगी:
✔ Non-stick Tawa / Heavy Pan 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
✔ Food Processor or Chopper 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
✔ Mixing Bowls 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
✔ Measuring Cups 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
✔ Air Fryer (Healthy Version के लिए) 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
🔔 Affiliate Disclaimer
This post may contain affiliate links. If you purchase through these links, I may earn a small commission at no extra cost to you.
🌿 अब आपकी बारी :
अगर आपको यह Gujarati Lilva Kachori Recipe in Hindi पसंद आई हो,
तो इसे अपने दोस्तों, परिवार और गुजराती खाने के शौकीनों के साथ ज़रूर शेयर करें 💚
👇 नीचे comment में बताइए:
आप अगली बार कौन-सी traditional Gujarati recipe पढ़ना चाहते हैं?
आपका हर comment और support हमें और बेहतर लिखने की प्रेरणा देता है 🙏

Table of Contents
मेथी ना गोटा | मेथी के पकौड़े | Methi Pakora Recipe | Gujarati Methi Na Gota Recipe in Hindi | Gujarati Style Crispy Soft Methi Fritters
🟩 परिचय (Introduction) – Methi Na Gota Recipe in Hindi
“Methi Na Gota Recipe in Hindi” सिर्फ एक Gujarati snack नहीं—यह बारिश की पहली फुहार से लेकर सर्दियों की धीमी सुबहों तक का ऐसा comfort-food है जो हर बाइट में घरपन का स्वाद भर देता है। हल्की-सी कसैली मेथी, खट्टा-मीठा संतुलन, और ताज़े बेसन की खुशबू मिलकर वह जादू रचते हैं जिसे गुजराती घरों में ‘गोटा’ कहा जाता है।
जब आप गरम-गरम Methi Na Gota Recipe in Hindi तैयार करते हैं, तो kitchen में एक ऐसा aroma फैलता है जैसे किसी पुराने गु़जराती पड़ोस में सुबह-सुबह farsan shop की कड़ाही पहली बार झनक रही हो। हर गोटा बाहर से फ़ड़कता हुआ क्रिस्पी, अंदर से बादल जैसा हल्का और airy होता है। यही softness इसे बाक़ी पकौड़ों से अलग बनाती है।
आजकल लोग “Gujarati Methi Na Gota Recipe”, “Dakor Na Gota Recipe”, “Tea Time Snacks Recipe in Hindi” जैसे keywords search करते हैं, क्योंकि यह snack घर में आसानी से बन जाता है। खास बात यह है कि यह recipe शुरुआती लोगों के लिए भी perfect है — बस बैटर की consistency, मसालों का संतुलन और frying temperature सही होना चाहिए।
इस Methi Na Gota Recipe in Hindi में हम सिर्फ ingredients और steps नहीं देंगे, बल्कि उस पारंपरिक wisdom को भी share करेंगे जो गुजराती दादियाँ अपने गोटा बैटर में घोलती थीं। क्यों कुछ लोग सूजी डालते हैं? क्यों कड़ाही का तेल हमेशा एक खास temperature पर होना चाहिए? कौन-सी मेथी सबसे बढ़िया होती है? यह सब आपको step-by-step मिलेगा।
आप इस Methi Na Gota Recipe in Hindi को breakfast में, चाय के साथ, या dinner के starter के रूप में serve कर सकते हैं। गुजरात की गलियों में हर farsan shop पर मिलते गोटा को एक बार घर में सही तरह बना लें, तो family और guests हर बार इसे repeat करने को कहेंगे।
🟩 History & Tradition – Gujarati Methi Na Gota
गुजरात विशेषकर Dakor, Anand, और Baroda बेल्ट में Methi Na Gota सदियों से breakfast और tea-time का essential snack माना जाता है। इसका जन्म बाज़ारों की farsan लहर से हुआ, जहां बेसन और मेथी का यह हल्का-फुल्का मिश्रण व्यापारी समुदाय की पसंद बन गया।
गुजराती परिवारों में Methi Na Gota सिर्फ एक recipe नहीं—एक परंपरा है:
- त्योहारों की सुबह
- शादी-विवाह के नाश्ते
- स्कूल से लौटते बच्चों की प्लेट
- और हल्की सर्दियों में रात की गरम चाय के साथ
गुजरात में इसे ‘गोटा’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पकने पर गोल, हल्का फूला हुआ, हवा से भरा गोला बन जाता है। इसमें baking soda की हल्की फुसफुसाहट गोटा को जीवंत और airy बनाती है। यह पकौड़ा नहीं—ये गुजराती imagination का एक छोटा-सा सुनहरा बादल है।
🟩 क्यों खास है यह Methi Na Gota Recipe?
यह सिर्फ बेसन और मेथी का मेल नहीं—यह culinary chemistry है।
यह खास क्यों है?
1️⃣ हल्की कसैली मेथी का magical flavor
मेथी balancing का खेल है। थोड़ा ज़्यादा, तो गोटा कड़वा… थोड़ा कम, तो स्वाद फीका। इस recipe में मेथी perfect मात्रा में है।
2️⃣ बाहर crisp – अंदर soft cloud texture
पकौड़ा हमेशा dense होता है।
लेकिन Methi Na Gota Recipe in Hindi में soda + warm oil + resting time मिलकर ऐसा airy texture बनाते हैं जो तकिये जैसा मुलायम होता है।
3️⃣ Beginner-friendly snack
कोई fancy technique नहीं—बस सही consistency।
4️⃣ Gujarati identity का हिस्सा
कोई भी Gujarati घर बिना इस recipe के अपूर्ण लगता है।
🟩 The Science Behind Perfect Methi Na Gota (Texture + Chemistry)
Methi Na Gota का असली magic “texture science” में छुपा है।
🔬 1. Baking soda का CO₂ lift
जब बेसन के batter में soda activate होता है—
भाप बनती है → गोटा फूूलता है → अंदर airy bubbles बनते हैं।
यही उसे soft बनाता है।
🔬 2. Warm oil का emulsification
गरम तेल बैटर में मिलाने से:
- batter में micro-bubbles बनते हैं
- frying के दौरान गोटा जल्दी puff होता है
- outer crust perfect बनती है
🔬 3. पानी कम–ज्यादा की exact मात्रा
Methi Na Gota Recipe में water control ही असली कलाकार है।
ढीला batter = गोटा तेल पी लेगा
बहुत गाढ़ा batter = अंदर कच्चा रहेगा
🔬 4. मेथी का moisture release
Fresh methi leaves frying के दौरान थोड़ा पानी छोड़ती हैं —
यह softness को बढ़ाती है।

🟩 आवश्यक सामग्री (Ingredients – Traditional Gujarati Methi Na Gota Recipe in Hindi)
✔ मुख्य Ingredients (Traditional Style)
- 2 कप बेसन
- 1/3 कप बारीक कटी ताज़ी मेथी
- 2–3 हरी मिर्च (बारीक कटी)
- 1/2 छोटी चम्मच अदरक पेस्ट
- 1/2 छोटी चम्मच हल्दी
- 1/2–1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 छोटी चम्मच धनिया पाउडर
- चुटकी हींग
- 2 चुटकी अजवाइन
- स्वादानुसार नमक
- 1/4 छोटी चम्मच खाने का सोडा
- 1 बड़ा चम्मच गर्म तेल
- आवश्यकता अनुसार पानी
- तलने के लिए तेल
🟩 Step-by-Step विधि (Methi Na Gota Kaise Banaye, Beginner Friendly, Methi Na Gota Recipe in Hindi)
यह पूरा section “Methi Na Gota Recipe in Hindi” को इतना आसान बना देगा कि beginner भी बिल्कुल Gujarati shaak bazaar जैसा result निकाल सके। यहाँ हर step deeply explained है—texture, consistency, frying heat, everything.
🟢 Step 1 – बैटर तैयारी (Batter Preparation)
सबसे पहले एक बड़ी, गहरी परात या mixing bowl लें ताकि आप batter को आराम से whisk कर सकें। इस bowl में बेसन डालें। बेसन sifted हो तो और बढ़िया—क्योंकि उसमें हवा भर जाती है और गोटा और भी soft और fluffy बनेगा।
अब बारीक कटी हुई ताज़ी मेथी डालें। यहीं से “Methi Na Gota Recipe in Hindi” का असली स्वाद शुरू होता है। ताज़ी मेथी batter में मिलकर हल्की moisture और earthy fragrance देती है।
इसके बाद हरी मिर्च, अदरक पेस्ट, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हींग और अजवाइन डालें। अजवाइन सिर्फ flavour के लिए नहीं—यह गोटा को हल्का digestible भी बनाती है।
अब एक बड़ा चम्मच गरम तेल डालें। यह सबसे traditional Gujarati technique है। Warm oil batter में जाते ही हल्की-सी सुगंध छोड़ता है और गोटा frying के दौरान perfect bloom करता है।
अब हाथों या whisk से dry ingredients को हल्का mix कर लें—ताकि मेथी, spices और बेसन बराबर blend हो जाएँ।
🟢 Step 2 – मसाले मिलाना और Batter को Activate करना
अब bowl में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते जाएँ और whisking शुरू करें। यहाँ एक खास बात ध्यान में रखें—पानी एक बार में कभी न डालें। Gujarati दादियाँ हमेशा कहती थीं कि “गोटा batter को पानी माँगने दो”—मतलब batter की ज़रूरत के हिसाब से पानी दें।
मिश्रण को smooth बनाते जाएँ, लेकिन एकदम runny नहीं। इसे ऐसा texture चाहिए जिसमें चम्मच चलाने पर हल्का resistance भी मिले और smooth flow भी आए।
अब salt डालें। salt मेथी की moisture को activate करता है, इसलिए batter थोड़ी देर में naturally हल्का ढीला हो जाएगा।
अब आता है turning point…
खाने का सोडा!
इसे आखिरी में डालें और धीरे से whisk करें। soda को बहुत जोर से मत मिलाएँ, नहीं तो उसकी air खत्म हो जाएगी। बस feel करें कि batter हल्का फूलने लगा है।
अब batter को 10 मिनट resting दें। यह rest time पूरे Methi Na Gota Recipe in Hindi की जान है। इसी से airy, fluffy texture मिलता है।
🟢 Step 3 – Consistency Check (Perfect Gujarati Gota Batter)
10 मिनट बाद batter को चम्मच से उठाकर देखें:
✔ वह रिबन जैसा गिरना चाहिए
✔ पर गिरते हुए टूटना भी चाहिए
✔ बहुत thick हो तो पानी की 2–3 बूंदें डालें
✔ बहुत पतला हो तो एक चुटकी बेसन जोड़ें
Consistency वह होनी चाहिए जहां batter oil में डलते ही अपना गोल shape ले ले। यही secret है perfect Gujarati Methi Na Gota Recipe.
🟢 Step 4 – तेल में तलना (Perfect Frying Technique)
अब कड़ाही या deep pan में तेल गर्म करें। Gujarati गोटा हमेशा deep fry होते हैं—shallow fry में वह कभी फूले हुए नहीं बनते।
तेल का temperature test:
चम्मच से थोड़ा-सा batter डालें।
✔ अगर वह धीरे ऊपर आए → तेल सही है
✔ अगर तुरंत काला हो जाए → तेल बहुत गर्म
✔ अगर नीचे बैठ जाए → तेल ठंडा
अब छोटे-छोटे गोटे हाथ या चम्मच से डालें। Batter को कड़ाही में गिरते ही puff होना चाहिए—यह perfect Methi Na Gota Recipe in Hindi का clear sign है।
गोटों को medium flame पर तलें। High flame से बाहर काला और अंदर कच्चा रह जाएगा।
हर गोटा तब तक पलटते रहें जब तक वह सुनहरा, फूलता हुआ और crisp न नजर आए।
🟢 Step 5 – Final Crisp Test
Gota कढ़ाई से निकालने के बाद एक बार हाथ से lightly दबाकर देखें:
✔ Soft rebound = perfect airy texture
✔ कोई oil leakage नहीं = perfect frying
✔ गोल shape = सही soda activation
✔ अंदर बादल जैसा हल्का = Gujarati gold standard
अब इन्हें paper towel पर रखें ताकि extra oil निकल जाए।
और बस! आपकी authentic, airy, golden Methi Na Gota Recipe in Hindi तैयार है।
🟩 Texture Check – बाहर क्रिस्पी, अंदर मुलायम कैसे बने?
“Texture ही गोटा की इंसानियत है”—Gujarati farsan masters की यही philosophy है।
Perfect गोटा में 4 गुण होते हैं:
1️⃣ बाहर crisp crackle
तेल का सही temperature + warm oil in batter = golden crisp shell।
2️⃣ अंदर airy cloud softness
Soda + whisking + resting = हल्के हवा भरे pockets।
3️⃣ मेथी evenly distributed
अगर मेथी clump हो जाएगी तो गोटा कड़वा लगेगा। इसलिए cut uniform होनी चाहिए।
4️⃣ कोई oiliness नहीं
यह तभी संभव है जब batter न ज्यादा पतला हो, न ज्यादा thick।
Perfect Methi Na Gota Recipe in Hindi का मतलब है “crispy shell + cloud interior + earthy methi notes”—यही उसका signature है।
🟩 Tips & Tricks – हल्का, फूला हुआ, Shaak Bazaar जैसा
1️⃣ Warm oil जरूर मिलाएँ
यह Gujarati farsan का सबसे बड़ा secret है।
2️⃣ Batter को rest दें
10 मिनट rest = double softness.
3️⃣ मेथी को 10–12 मिनट पहले salt न डालें
Salt जल्दी डालने से मेथी पानी छोड़ती है और batter पतला हो जाता है।
4️⃣ Medium flame ही perfect
High flame = काला
Low flame = oil soak
5️⃣ हाथ से गोल size बनाएं
Gujarati shops में यही technique होती है।
6️⃣ soda ज्यादा नहीं
वरना गोटा कड़वा हो सकता है।
7️⃣ Frying के बाद तुरंत serve
गोटा जमीन पर ठंडा हवा लगने से जल्दी soft हो जाता है।
🟩 Mistakes to Avoid – गोटा सख्त/कड़वा/ऑयली न बने
❌ 1. मेथी अधिक डाल देना
इससे bitterness बढ़ती है।
❌ 2. Batter पतला बनाना
गोटा तेल पी जाएगा।
❌ 3. बहुत ज्यादा soda डालना
कड़वाहट + black spots आ जाते हैं।
❌ 4. ठंडे तेल में frying करना
गोटा कच्चा और oil-heavy रहेगा।
❌ 5. overmixing batter
Soda की हवा निकल जाती है।
❌ 6. एक साथ बहुत सारे गोटे डालना
Oil temperature गिर जाएगा।
Fafda Recipe in Hindi | फाफड़ा बनाने का आसान तरीका और 7 Secret Tricks – Gujarati Special Snack
🟩 Variations (Gujarati Style Methi Na Gota Variations)
“Methi Na Gota Recipe in Hindi” जितनी क्लासिक है, उतनी ही flexible भी। Gujarat में हर घर, हर शहर और हर farsan shop इसे अपने style से बनाती है। यहाँ 4 सबसे popular और SEO-powerful variations दिए हैं:
⭐ 1. Dakor Style Gota (Temple Style Soft Gota)
Dakor, Gujarat के प्रसिद्ध रणछोड़जी मंदिर के पास मिलने वाले गोटे अपने आप में एक ब्रांड हैं।
इनकी specialty है—अंदर बादल जैसा softness।
Dakor style में:
- soda थोड़ा ज़्यादा होता है
- मेथी हल्की होती है
- batter थोड़ा ढीला रखा जाता है
- गोटा हल्का-सा मीठा भी होता है
यह variation “Dakor Na Gota Recipe” keyword को naturally target करने के लिए perfect है।
⭐ 2. Masala Gota (Extra Spicy Street Style)
Surat और Baroda की गलियों में मिलने वाले spicy गोटे इस variation के example हैं।
Extra masala version में:
- red chilli थोड़ा extra
- black pepper
- coriander seeds crushed
- spicy tadka पानी डालकर batter में mix
यह version tea-time और monsoon season के लिए सबसे perfect माना जाता है।
⭐ 3. Jain Gota (No Garlic, No Ginger)
Jain community मेथी ना गोटा को बड़े प्यार से खाती है। Jain version में कोई भी root ingredient (ginger/garlic) नहीं होता।
इस version में flavor को balance करने के लिए:
- कुटी हरी मिर्च
- थोड़ा सा काला नमक
- hing ज़रूर मिलाई जाती है
⭐ 4. Instant Mix Version
आजकल “Instant Methi Na Gota Mix” भी बहुत लोकप्रिय है।
आप इसे market से लेने की बजाय घर पर इस तरह बना सकते हैं:
Dry mix:
- बेसन
- मसाले
- सूखी मेथी (Kasuri methi)
- सोडा add न करें
जब बनाना हो, बस पानी + ताज़ी मेथी + सोडा मिलाएँ।
यह version travelling, picnics और quick snacks के लिए perfect है।
🟩 Serving & Storage Guide (Serve कैसे करें + Store कैसे रखें?)
Methi Na Gota Recipe in Hindi का असली charm serve करने के तरीके में छिपा है।
🍽️ किसके साथ खाएँ? (Best Serving Partners)
✔ 1. हरी चटनी (Coriander Mint Chutney)
गर्म गोटा + ठंडी हरी चटनी = Gujarati heaven.
✔ 2. खट्टी-मीठी इमली की चटनी
यह गोटे के crispiness को balance करती है।
✔ 3. तली हुई हरी मिर्च
गुजराती घरों की signature combination।
✔ 4. गरमा-गरम Gujarati kadhi
Soft गोटा + kadhi = festival breakfast combo.
🍱 Breakfast Combo
- Gota + Kadhi
- Gota + Poha
- Gota + Masala Chai
🌙 Dinner Combo
Dinner में इसे हल्की kadhi या दलिया khichdi के साथ serve किया जाता है।
🧊 Storage Guide
Fresh fried गोटा तुरंत serve करें—यही rule है।
लेकिन अगर रखना ही हो:
✔ Batter storage
- Batter को 1–2 घंटे तक fridge में रख सकते हैं
- Fry करने से पहले soda दोबारा add करना पड़ेगा
- मेथी पानी छोड़ती है, इसलिए consistency adjust करें
✔ Fried gota storage
- Fried गोटा next day soft हो जाता है
- Reheat करने के लिए:
- Air fryer: 180°C, 5–6 minutes
- Tawa: little oil, slow heat
लेकिन सबसे अच्छा विकल्प—fresh fry ही serve करें।
✅अन्य स्वादिष्ट व्यंजन
- Onion Chutney रेसिपी इन हिंदी – डोसा और इडली के साथ परफेक्ट साउथ इंडियन स्वाद 😍
- बचे हुए चावल से बनाएं झटपट Coconut Rice – 10 मिनट में तैयार साउथ इंडियन स्वाद 😍
- Bisi Bele Bath क्या होता है? घर पर बनाएं असली कर्नाटक स्टाइल मसालेदार दाल-चावल 😍
- घर पर बनाएं करारा Restaurant Style Masala Dosa – बाहर जैसा स्वाद अब आपकी किचन में!
- 🥜 सिर्फ नारियल नहीं… ये है South Indian Peanut Chutney जो डोसा का स्वाद दोगुना कर दे!
- South Indian Tamarind Rice घर पर ऐसे बनाएं – खट्टा, मसालेदार और बिल्कुल Temple Style!
🟩 Health Benefits (मेथी ना गोटा के फायदे) Methi Na Gota Recipe in Hindi
“Methi Na Gota Recipe in Hindi” एक snack है, लेकिन उसके अंदर कुछ hidden benefits भी हैं:
🟢 1. मेथी digestion मजबूत करती है
मेथी के natural digestive enzymes पेट को आराम देते हैं।
🟢 2. Ajwain + Hing gas control करते हैं
इसमें मौजूद spices digestion-friendly होते हैं।
🟢 3. मेथी immunity बढ़ाती है
मेथी iron और minerals से भरपूर होती है।
🟢 4. Satiety बढ़ाता है
गोटा काफी filling snack है—कम खाते ही पेट भर जाता है।
🟢 5. Iron-rich snack
मेथी + बेसन → iron-rich combination।
🟩 Nutrition Facts (Per Serving – Methi Na Gota Recipe in Hindi)
(1 plate = approx. 6–7 gota)
| Nutrition Value | Amount (Approx.) |
|---|---|
| Calories | 310–340 kcal |
| Protein | 8–10 g |
| Carbohydrates | 25–30 g |
| Fat | 15–18 g |
| Fiber | 3–4 g |
| Iron | Medium–High |
| Sodium | Moderate |
| Calcium | Mild Amount |
| Potassium | Good |
| Sugar | Naturally Low |
🟩 FAQs – सबसे ज़्यादा पूछे गए 10 सवाल (Methi Na Gota Recipe in Hindi)
इन FAQs से आपका post Google “People Also Ask” box में चांस बढ़ाता है। Primary keyword भी natural look में repeat होता है।
❓1. Methi Na Gota Recipe in Hindi क्या शुरूआती लोग भी बना सकते हैं?
हाँ, यह सबसे आसान Gujarati snack है। बस batter consistency सही रखें।
❓2. मेथी की जगह क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?
आप Kasuri methi या palak इस्तेमाल कर सकते हैं।
❓3. क्या बिना soda के Methi Na Gota बन सकते हैं?
बिल्कुल, पर वे उतने fluffy नहीं होंगे।
❓4. क्या इस recipe में सूजी डाल सकते हैं?
हाँ, crispiness के लिए थोड़ी सूजी add की जा सकती है।
❓5. क्या यह Dakor Na Gota जैसा बन सकता है?
हाँ—बस batter थोड़ा ढीला रखें और soda थोड़ा extra।
❓6. क्या मेथी को पहले उबालना चाहिए?
नहीं, ताज़ी कटी मेथी ही best रहती है।
❓7. Batter कितनी देर rest होना चाहिए?
10 मिनट काफी होते हैं।
❓8. कौन सा oil best रहता है?
Groundnut तेल सबसे traditional और tasty होता है।
❓9. क्या इस recipe को air fryer में बना सकते हैं?
हाँ, लेकिन असली Gujarati taste deep fry से ही आता है।
❓10. क्या ये snack बच्चों को दिया जा सकता है?
हाँ—कम मसाले वाला soft version बच्चों को पसंद आता है।

🟩 निष्कर्ष (Conclusion – Methi Na Gota Recipe in Hindi)
“Methi Na Gota Recipe in Hindi” सिर्फ Gujarat का snack नहीं—एक ऐसी culinary भावना है जो सादगी में स्वाद, और स्वाद में यादें समेटे हुए है। जब कड़ाही में बेसन, मेथी और मसालों का यह सुनहरा मिश्रण फूलता है, तो kitchen में सिर्फ खुशबू नहीं फैलती—एक तरह की घरेलू गर्माहट भर जाती है। Gujarati खानपान का जो हल्कापन और उमंग है, वह हर गोटा में महसूस होता है।
आज जब recipes को shortcuts और instant mixes की दुनिया ने घेर लिया है, वहीं यह पारंपरिक Methi Na Gota Recipe in Hindi हमें बताती है कि घर का असली स्वाद patience और technique से आता है।
चाहे आप इसे बारिश की शाम में बनाएं या Sunday breakfast में—यह हमेशा उतनी ही खुशी देता है जितनी गुजरात के किसी shaak bazaar में गरम-गरम गोटा लेने पर मिलती है।
इस पूरी recipe का सबसे बड़ा charm यह है कि यह हर किसी के लिए easy है—beginner से लेकर expert तक। बस batter की consistency, soda की मात्रा, और oil temperature समझ में आ जाए—तो आप हर बार वही golden, fluffy, cloud-like Gujarati gota बना पाएँगे।
यह भी सुंदर बात है कि Methi Na Gota Recipe in Hindi सिर्फ एक स्वादिष्ट snack नहीं—बल्कि एक complete experience है:
- हरी चटनी के साथ crisp
- kadhi के साथ soft comfort
- चाय के साथ गर्माहट
- और मेहमानों के सामने एक proud Gujarati platter
अगर आप health-focused हैं, तो भी मेथी के iron-rich गुण, digestion-friendly मसाले और satiety-factor इसे एक balanced occasional treat बनाते हैं।
इस post में हमने आपको सिर्फ recipe नहीं दी—बल्कि वो सारे traditional insights और science भी बताए जिससे यह गोटा हर बार सफल बने। यही चीज़ आपके food blog और YouTube audience के लिए भी इसे powerful बनेगी।
Google SEO के हिसाब से यह पूरा लेख structured, keyword-rich और deeply informative है, जिसमें primary keyword “Methi Na Gota Recipe in Hindi” कई बार contextually इस्तेमाल हुआ है—ताकि आपका ब्लॉग पहले पेज पर आसानी से rank कर सके। Secondary keywords भी smart placement में शामिल किए गए हैं।
जब आप इस recipe को home kitchen में बनाते हैं—बस याद रखें:
Gujarati गोटा कोई hurried snack नहीं है—यह एक धीमी सांसों में पकने वाला, प्यार से बनने वाला, perfect crispy-soft snack है।
अब आपकी बारी है अपने घर में Gujarat की इस सुगंध को बनाने की।
और जब पहली बार golden puffed गोटा कड़ाही से बाहर आए—तो समझ लीजिए कि आपने इस recipe की आत्मा पकड़ ली है।
🟩 Recommended Tools (Professional Gujarati Gota Quality (Methi Na Gota Recipe in Hindi) के लिए)
✔ Deep Kadhai (Iron or Heavy Bottom) 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
Oil temperature stable रहता है — गोटा perfect बनता है।
✔ Fine Mesh Strainer 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
Batter को mix करने से पहले बेसन sift करना फायदेमंद है।
✔ Long Frying Spoon 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
गोटा को आराम से पलटने के लिए जरूरी।
✔ Measuring Cups 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
Consistency control के लिए professional accuracy देती है।
✔ Mixing Bowl (Deep) 👉 Buy on Amazon: [Click Here]
Whisking space मिलता है—airy batter बनता है।
🟩 अब आपकी बारी 😊
अब जब आपके पास पूरी Methi Na Gota Recipe in Hindi professionally explained, step-by-step, और Gujarati traditional style में मौजूद है—तो आज ही kitchen में इसे ट्राय कीजिए।
📌 अगर आप food blogger हैं—इस post को अपने ब्लॉग पर जरूर पब्लिश कीजिए।
📌 अगर आप YouTube creator हैं—इसी format में detailed voiceover स्क्रिप्ट बन सकती है।
📌 अगर आप घर पर बना रहे हैं—पहली बार golden puff देखते समय मज़ा ही आ जाता है!
आप चाहे इसे family gathering में परोसें, monsoon evening में खाएँ, या Sunday breakfast में आनंद लें—यह recipe हर बार दिल खुश करने वाली है।